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जख्म की फ़िक्र

दोस्तों खेल जो भी खेलो दिमाग से खेलना जीत जाओगे …… दिल को बीच मे लाए तो हार जाओगे, उनको लगी खरोंच का पता पूरे शहर को है, हमारे गहरे ज़ख्म की कहीं चर्चा तक नहीं तन्हाई का दर्द धोखे से ज्यादा बड़ा होता है ….. धोखा उसके बगैर जीना सिखा देता है , लेकिन तन्हाई उसकी यादों में जीना सीखा देती है।  कुछ तुम्हारी निगाह काफ़िर थी कुछ मुझे खराब होना था, किसी ने सही कहा है, जो कुछ नहीं करते, वो बहुत कुछ कर सकते हैं। कम बोलो पर सब कुछ बता दो, ख़ुद ना रूठो और सबको हंसा दो, यही राज है जिन्दगी का, जियो और जीना सिखा दो, गुस्ताख़ी और ग़लती में बहुत फर्क होता है मेरे दोस्त।  फ़रिश्ते ही होंगे जिनके लिए आप busy है , वरना आजकल इंसान से रोज़ रोज़ बात कौन करता है, वो मंजिल ही बदनसीब थी जो हमें पा ना सकी, वरना जीत की क्या औकात जो हमें ठुकरा दे।  रास्तों की दूरी कम करते करते..मंजिल मेरी मुझसे दूर हो गयी, राशि में लिखा है नए रिश्ते बना लूँ…छोड़िए जनाब !!! पहले… पहले तो निभा लूँ।  सो गए सब ग़मों को भुलाकर , शायद कल खुशियों की सुबह हो जाए, वो शख्स , जिसे छोड़ने की जल्दी की तुमने …तेरे मिज़ाज क...