दोस्तों कभी भी किसी से उम्मीद नहीं करना चाहिए क्योंकि जब उम्मीद टूटती है बहुत दर्द होता है। तो इसलिए मेरे दोस्तों उम्मीद सिर्फ अपने से ही रखना चाहिए दूसरो से नहीं। तो दोस्तों आज हम इसी topic पैर आलेख लिखने जा रहे हैं। किसी से उम्मीद मत रखो इंसान उम्मीदों से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा है, जो घायल भी उम्मीदों से है और जिंदा भी उम्मीदों पर है .उम्मीद आधी जिंदगी है और मायूसी आधी मौत है . अगर कोई तुमसे भलाई की उम्मीद रखे तो उसे मायूस मत करो क्योंकि लोगों की जरूरत का तुम से वास्ता होना तुम पर भगवान् का खास करम है। दोस्तों आपके जीवम में ऐसा अक्सर होता होगा जब हर तरफ से हम अपनी हिम्मत हारने के करीब होते हैं तभी न जाने कहा से या किसी के द्वारा अचानक कुछ ऐसा हो जाता है या कुछ पढ़ने को मिल जाता है कि हिम्मत स्वयं आ जाती है , दोस्तों यह भगवान् की तरफ से होता है, वह हमें उम्मीद की किरण थमा देता है। दोस्तों अगर खुश रहना चाहते हो तो ना उम्मीद रखो और न शिकवा करो. उम्मीद भगवान से लगाई हो तो टूटने क...
दोस्तों वर्तमान में हम लोग जितनी तेज से आगे बढ़ रहे है, उतनी ही तेजी से हमारी खुशियाँ , रिश्ते छूट रहे है, इस ब्लॉग के माध्यम से मैंने जीवन की अनेक समस्याओ के बारे में लिखा है।