दोस्तों हर किसी को हमेशा ये सोचना चाहिए , गलती चाहे किसी की भी हो पर रिश्ता तो अपना होता है, जो इंसान सबको ख़ुशी देता हो वो कभी कभी खुद ख़ुशी की वजह ढूँढता है दिल वो है जो हज़ारों मरी हुई ख्वाइशों के नीचे दब कर भी धड़कता है जो मन की तकलीफों को नहीं बता पता – उसे ही क्रोध सबसे अधिक आता है, सच बोलने से रिश्ते टूटते हैं और झूठ बोलने से मैं खुद लोग अधिक पसंद करेंगे दोस्तो जरा एक बार सोचो कि दो लोग हैं। जिनमे से एक सच बोलता है और दूसरा झूठ बोलता है। तो जाहिर सी बात है कि झूठ के कोई सर पैर तो होता नहीं है। इसलिए वह अपने झूठ को सच साबित नहीं कर सकता । जबकि सच बोलने वाला निश्चित होकर बोलता है। उसे किसी का कोई डर नहीं होता है और वह पूरें आत्मविश्वास के साथ बोलता है। यही वजह है कि लोग उसे सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। 2. उम्र बढ़ जाती है यह सही बात है कि जब हम झूठ बोलते हैं तो हमारी उम्र कम हो जाती है क्योंकि झूठ हम बोल तो लेते हैं लेकिन झूठ बोलने मे वो मजा और वो शांति नहीं है जोकि सच बोलने मे हैं। यदि आपने कोई बड़ी बात किसी से छुपाली झूठ बोल दिया तो आपके मन मे हमेशा डर बना रहेगा...
दोस्तों वर्तमान में हम लोग जितनी तेज से आगे बढ़ रहे है, उतनी ही तेजी से हमारी खुशियाँ , रिश्ते छूट रहे है, इस ब्लॉग के माध्यम से मैंने जीवन की अनेक समस्याओ के बारे में लिखा है।