जब कोई व्यक्ति आपका सम्मान करता है और हम उसे प्रेमपूर्वकर जवाब देते है तो यह हमारा आत्मसम्मान होता है लेकिन यदि उसी जवाब को हम क्रूरता से देते है तो वह घमण्ड कहलाता है।

माना कि बरगद और पीपल जैसे विशाल हम नहीं पर गमलों में उगने वाली तुलसी भी किसी से कम नहीं।
(1 ) अपनी उम्र, चेहरा, शिक्षा ,और पैसे पर घमंड :
सब ने पैसा तो बहुत कमा लिया पर उस पैसे का क्या मोल हैं जब उनके घमंड के कारण रिश्ते टूट रहे हो, सामने वाले से ठीक तरीके से बात ना करता हो।कुछ लोग ऐसे भी मिल जाते है कि वो अपने पैसों के ऊपर घमंड करते हैं , वो सोचते है कि हम ही सबसे ज्यादा अमीर है वो दुसरो को बहुत घमंड वाली नजर से देखते हैं। दूसरे लोगो को सही तरीके से बात भी नहीं करते हैं, उनको यही लगता है ये मुझसे गरीब है।
दोस्तों ये वही लोग होते है जिनके परिवार में सब लोग नौकरी कर रहे हैं, या उनको कोई पुरानी जायदाद मिली हो, पर ये लोग भूल जाते है की घमंड परिवार को बर्बाद कर देता है , जब उनके सभी रिश्ते टूट जाते हैं घमंड के कारण , तब जाके उनको एहसास होता है की मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी थी।

अपनों का प्यार और अपनो से रिश्ते इन पैसें से कही अधिक अनमोल हैं नहीं है दोस्तों तो फिर आप किस बात का घमंड करते हो।
लोगो के लिए आज इस दौर में पैसा सब कुछ हो गया है, पैसे की माया इतनी बढ़ गयी है की ऐसा लगता है जैसे मानों पैसे से हर काम करवाना आसान हो गया है, पैसे से आज सारे काम करवाए जा सकते है , कुछ लोग चंद रुपयों के लिए कोई भी गलत काम कर लेते है तो कोई लक्ज़री जीवन जीने के लिए पैसे चाहता है, तो कोई अपने परिवार को सारे सुख देना चाहता है, पैसो की जरुरत हर किसी की भले ही अलग अलग हो लेकिन जरुरत सभी को है
दोस्तों मैंने हर रोज जमाने को रंग बदलते देखा है ..उम्र के साथ जिंदगी को ढंग बदलते देखा है .. !!
वो जो चलते थे तो शेर के चलने का होता था गुमान ..उनको भी पाँव उठाने के लिए सहारे को तरसते देखा है .. !!
दोस्तों किया तुम पैसो से सब खरीद लोगो तुम --------
क्या अपनी सांसे खरीद पाओंगे ?
क्यों करते हो इस रूप पर घमंड ?
फिर क्यों है घमंड इन पैसो का ?
जब सब कुछ यही छोड़ जाओंगे
क्यों करते हो अपनी भक्ति पर घमंड ?
ये गोरा रूप एक दिन यू ही ढल जाएगा , अगर सवारना है तो अपने मन को सवारों
सच्चा मन ही तुम्हे सुंदर बनाएगा , दिया जलाने से सब भक्त नहीं बन जाते
ईश्वर तो स्वयं उसके भक्त बन जाते है , जो निरस्वार्थ दूसरों की सेवा करते जाते
मत कर अपनी किस्मत पर घमंड, किस्मत पल भर में बदल जाती है
समय कभी एक सा नहीं रहता , आज तेरी तो कल मेरी बारी है
हम घमंड करके स्वयं अपनी छवि का अपमान करते हैं, घमंड मनुष्य जीवन के लिए एक शत्रु की तरह हैं जो हमेशा उसके लिए विनाश का मार्ग बनाता हैं
कहते हैं न, सफलता मिल जाती हैं लेकिन जो इस सफलता पर घमंड नहीं करते वास्तव में वही सफल होते हैं | घमंडी व्यक्ति कितना भी उपर उठ जाए एक दिन वो नीचे आकार गिरता हैं और उस वक्त जो उसका अपमान होता हैं उससे बड़ा श्राप उसके लिए कुछ नहीं होता
घमंड एक ऐसा भाव हैं जिसमे मनुष्य कब फँस जाता हैं उसे इसका पता तक नहीं रहता, इसलिए सदैव अपने जीवन का अवलोकन करना चाहिये , अपने आप को कटघरे में खड़ा कर खुद अपनी करनी, अपने बोले हुए शब्दों का निष्पक्ष न्याय करना चाहिये , और अगर आप खुद को दोषी पाते हैं तो गलती को स्वीकार करे और समय रहते उस गलती के लिए क्षमा मांगे।
जिस दिन घमंड अपने सर से उतार देगा,
उस दिन तुझे विधाता अनमोल प्यार देगा..
उसके समान जग में दाता न और कोई,
देने पे जब वो आये तो बेशुमार देगा..ऑफ़िस में लोग
दोस्तों आपके ऑफ़िस में कई लोग आपको हौसले से तेज , ज़िंदादिल और कई बार नटखट दिखते होंगे, असल में ये लोग आत्मविश्वास से भरे लोग हैं, उन्हें लगता है कि हर काम वे चुटकी बजाते ही कर लेंगे,
मगर कई बार ये आत्मविश्वास घमंड में बदल जाता है, घमंड इस बात का कि मुझे तो सब आता है, गुरूर इस बात का कि मेरे पास हर मुश्किल का हल है। अहंकार इसलिए कि हर आदमी मुझसे ही मदद मांगता है।
दोस्तों आत्मविश्वास और घमंड में ज़्यादा फ़र्क़ नहीं होता। और जैसे ही कोई व्यक्ति घमंड दिखाना शुरू करता है , दफ़्तर में लोग उससे ignore करने लगते हैं। कोई भी घमंडी इंसान के साथ काम नहीं करना चाहता।
घमंड करने से नुक्सान:
दोस्तों आपको कई जगह तो पैसो बिना रिश्तेदार परिवार वाले भी साथ छोड़ देते हैभाई ने भाई को और बेटे ने माँ-बाप को छोड़ दिया, इतना बड़ा हो गया ये पैसा की इसके लिए सभी अनमोल रिश्तो को तोड़ देते हैं।
जब जेब में रूपये हो तो, दुनिया आपको औकात देखती हैं, और जब जेब में रूपये न हो तो, दुनिया अपनी औकात दिखाती हैं… दोस्तों ध्यान से समझना
जब व्यक्ति के जेब में पैसा होता हैं, तो वह भूल जाता हैं कि वह कौन हैं, लेकिन जब उसके पास पैसा नही होता, तो दुनिया भूल जाती हैं कि वह कौन हैं। दोस्तों आप समझ गए।
आख़िर ऐसे लोगों से कैसे निपटा जाए:
घमंडी अकसर बेहद क़ाबिल इंसान होते हैं। वे होशियार और कामयाब होते हैं। उन्हें ये भी लगता है कि अपनी लगन, मेहनत और होशियारी से यदि वो इस मुकाम पर आ पहुंचे हैं तो दूसरे ऐसा क्यों नहीं कर सकते। ऐसे लोगों को वहम होता है कि वो बहुत होशियार और कामयाब हैं। ऐसे लोगों से रिश्ता बनाने के लिए ज़रूरी है कि आप या तो उन्हें मूर्ख बनाएं, या उनकी तारीफ़ करें या फिर खुलकर बहस करें।
दोनों ही बातों के लिए ज़रूरी है कि पहले आप घमंडी इंसान के गुरूर की वजह समझें।
घमंड अक्सर किसी विषय के बारे में आपकी आर या पार की राय से आता है, जब आप बीच का रास्ता नहीं जानते, तो आपको लगता है कि या तो आप सामने वाले की राय मानते हैं या विरोध करते हैं, बीच का कोई नहीं होता। ये बात कई लोगों की शख्सियत में दिखाई देती है, ख़ास तौर से युवाओं के। युवाओं को तो लगता है कि उन्हें ही हर बात की सही जानकारी है।
दोनों ही बातों के लिए ज़रूरी है कि पहले आप घमंडी इंसान के गुरूर की वजह समझें।
घमंड अक्सर किसी विषय के बारे में आपकी आर या पार की राय से आता है, जब आप बीच का रास्ता नहीं जानते, तो आपको लगता है कि या तो आप सामने वाले की राय मानते हैं या विरोध करते हैं, बीच का कोई नहीं होता। ये बात कई लोगों की शख्सियत में दिखाई देती है, ख़ास तौर से युवाओं के। युवाओं को तो लगता है कि उन्हें ही हर बात की सही जानकारी है।
- दोस्तों सबसे पहला यह कि आप ऐसे घमंडी इंसान से थोड़ी दूरी बना लीजिए। उसकी बातों को अनदेख़ा कीजिए, और चुप रहकर अपना विरोध जताइए। इसी तरीके से ही ऐसे लोगो से निपटा जाता है।
- दूसरा तरीक़ा यह है कि उसकी बात सुनिए और कहिए कि, ठीक है. फिर मुस्कुराते हुए उससे दूर हट जाइए, इससे दोनों के बीच तनाव भी कम होगा।
- तीसरा तरीक़ा यह है कि आप उसका मज़ाक़ बनाइए. व्यंग में कहिए कि, मुझे पता है कि आप सब जानते हैं, फिर भी चलिए खरी-खरी बात कर ली जाए।
- ऐसे जाहिलों और घमंडी लोगों से खरी बात की जानी चाहिए, आप उनके बारे में जो भी सोचते हैं, उन्हें खुलकर बताइए। कोई अच्छी चीज़ है तो उसकी तारीफ़ कीजिए। और कमी के बारे में बताते हुए ये सुझाव दीजिए कि इसमें सुधार की ज़रूरत है। उन्हें ये भी कहिए कि कोई बात बोलने से पहले ज़रा सोच-समझ लिया करें।
- अगर आपकी सलाह के बावजूद कोई इंसान अपना बर्ताव नहीं बदलता, तो आपको भी डटकर मुक़ाबला करना चाहिए।
- आप ऐसे लोगों का विरोध पुख़्ता तर्क और तथ्यों के साथ कीजिए, वरना हार भी मिल सकती है।
- सबसे अच्छा तरीका कि अगर किसी घमंडी से निपटने में सब फॉर्मूले फेल हो जाएं तो उनकी बातों को हंसी में टाल दीजिए।
- दोस्तों आपको ऑफिस में कुछ लोग ऐसे भी मिल जाते हैं, जो ख़ुद को बड़ा अंग्रेज़ीदां समझता है और अंग्रेज़ी के मुश्किल लफ़्ज़ों का इस्तेमाल करके वह सब पर रोब झाड़ता हो, दूसरों के अंग्रेज़ी बोलने के लहजे का मज़ाक़ उड़ाता हो, तो दोस्तों बस आपको यह करना है की आप केवल साधारण सी बात को इतना घुमा-फिराकर कहे, कि सब लोग एक साथ हंस पड़े, उसके बाद उस शख़्स का अंग्रेजी का हौव्वा उनके ज़ेहन से उतर जाएगा।
अपने अन्दर से घमंड कैसे दूर करें :
दोस्तों वैसे तो घमंड कोई लाता नहीं है, वह तो स्वयं अपने आप आ ही जाता है। स्वार्थ , अहंकार ये इसी के ही रूप हैं। घमंड जब तक स्वयं नहीं चाहेंगे तब तक कोई आपको बहार वाला दूर नहीं कर सकता है। कुछ तरीके है जो आप इसे अपना के दूर कर सकते हैं, जो नीचे निम्न हैं-----साधना, प्रेम, धैर्य, सहिष्णुता
साधना एक ऐसा प्रयास है जो- “प्रतिदिन अहंकार को नष्ट करती है और भगवान का एहसास कराती है।“ भगवान की सेवा या सतसेवा आप सभी के लिए इस भावना के साथ कि- “आप सभी भगवान के सेवक हैं”, के रूप में आप सभी के लिये भगवान के द्वारा दी हुई एक भेंट हैं।“यदि एक व्यक्ति के पास यह आध्यात्मिक भावना है कि- “मेरे द्वारा की हुई सेवा से भगवान प्राप्त हो रहे हैं और मेरे सभी कार्य भगवान द्वारा प्रदान किये गए हैं।
जब नियमित शारीरिक कामकाज जैसे- कपड़े धोने और सफाई करने के कार्यों का सेवा के रूप में प्रदर्शन किया जाता है, तो वहाँ तेजी से अहंकार में कमी आती है, लेकिन नहीं आप इस तथ्य के लिए ऋण चाहते हैं! अपने शरीर, मन और धन का त्याग करो। एक वस्तु को त्यागना, आपकी प्रार्थना में आपकी मदद करता है। मानसिक रूप से भगवान के लिए अपने घर और सामान को अर्पण करें और स्वयं के बारे में एक देखभाल करने वाले के रूप में विचार करें।
आध्यात्मिक प्रेम या प्रीत बिना उम्मीद का प्यार है। इसलिए, दूसरों के बारे में भी सोचो, ना कि सिर्फ अपने बारे में। जब स्वयं के लिए प्यार कम हो जाता है, तो अहंकार कम हो जाता है।
आध्यात्मिक प्यार पूर्ण रूप से ईश्वर के प्रेम और उनकी कृतियों, जिसमें परिवार बिना किसी उम्मीद के शामिल हैं। भगवान की कृपा से हम अपने अहंकार और अपने खुद के नाम के बारे में भूला जाते हैं। भगवान के नाम का जाप करने के बजाय, उसके नाम के साथ विलय हो जाओ।
अहंकार के खिलाफ सचेत रहो और एक आध्यात्मिक भावना को मन में रखो और मुझसे भगवान उनके नाम का जाप करने से प्रभावित हो रहे हैं। दूसरा उपाय अपनी प्रार्थना को बदलना है।
लोगों के प्रति विनम्रता से आओ, और सभी चीजों का भगवान की रचना के रूप मे मान करो। सीखने और सुनने के दृष्टिकोण को विकसित करो। सीखने के कौशल में, कोई भी एक 'मैं कुछ भी नहीं जनता हूँ' के प्रति जागरूक हो जाओ, तभी दूसरे इंसान को महसूस होगा की सामने सुनने वाला सुन रहा है।
दोस्तों हम अपने धैर्य, प्यार,सम्मान, और सहनशीलता को बढ़ा सकते हैं, क्योंकि ये हमारे अहंकार को कम करता है। जब एक व्यक्ति सम्मान या प्रशंसा की खुद उम्मीद या मांग करता हैं, तो यह केवल उसके अहंकार को बढ़ावा देती है। कभी भी अपने आप की प्रंशसा मत करो वो घमंड ही होता है।
अपने आप से किसी एक के परिवार या किसी एक की खुशी या दुख के बारे में बात करना उस व्यक्ति के के प्रति लगाव को दर्शाता है।
किसी एक के बारे में केवल बात ना करने से ही, उसके प्रति लगाव को अपने आप से ही समाप्त किया जा सकता है। यह उपाय अहंकार को कम करता है। आप देखो कि- “आप स्थितियों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया करतें हैं।"क्या आप बाद में उन पर पछताने की बातें करते हो? इसके बजाय आप प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करना और आत्मविश्लेषण करना सीखें।
स्वार्थ भी अहंकार का एक अन्य रूप है। 'मैं', मुझे 'मेरा' जैसे शब्दों का प्रयोग ना करें। केवल अपने लिये ही नहीं दूसरों के लिये भी कार्य करें। और हो सके तो दुसरो की सहायता भी करे, इससे घमंड दूर होगा।
बच्चों के साथ खेलें जो कि- “आपकी स्थिति को और आपके घमंड को भूलने मे आपकी मदद करते हैं।
"जीवन में घमंड ना करे" आपको आलेख कैसी लगी ? कमेंट बॉक्स में लिखे , साथ ही अपने दोस्तों से शेयर भी करें। यदि आप मेरे आलेख को हमेशा पढ़ना चाहते हैं, तो आप मेरे आलेख को Follow अवश्य करे ताकि आपको मेरे आलेख तुरंत आपको मिल जाए।
दोस्तों हँसते रहिये ,मुस्कराते रहियें , यही मानव जीवन है, दुसरो से घमंड करना जीवन नहीं है, घमंड कुछ पल के लिए है , ( जब तक आपके पास रुपया - पैसा है ) , रिश्ते तो हमेशा रहेंगे इसलिए घमंड के चक्कर में रिश्तों को मत तोड़िये..
धन्यवाद
किसी एक के बारे में केवल बात ना करने से ही, उसके प्रति लगाव को अपने आप से ही समाप्त किया जा सकता है। यह उपाय अहंकार को कम करता है। आप देखो कि- “आप स्थितियों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया करतें हैं।"क्या आप बाद में उन पर पछताने की बातें करते हो? इसके बजाय आप प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करना और आत्मविश्लेषण करना सीखें।
स्वार्थ भी अहंकार का एक अन्य रूप है। 'मैं', मुझे 'मेरा' जैसे शब्दों का प्रयोग ना करें। केवल अपने लिये ही नहीं दूसरों के लिये भी कार्य करें। और हो सके तो दुसरो की सहायता भी करे, इससे घमंड दूर होगा।
बच्चों के साथ खेलें जो कि- “आपकी स्थिति को और आपके घमंड को भूलने मे आपकी मदद करते हैं।
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दोस्तों हँसते रहिये ,मुस्कराते रहियें , यही मानव जीवन है, दुसरो से घमंड करना जीवन नहीं है, घमंड कुछ पल के लिए है , ( जब तक आपके पास रुपया - पैसा है ) , रिश्ते तो हमेशा रहेंगे इसलिए घमंड के चक्कर में रिश्तों को मत तोड़िये..
धन्यवाद
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